Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.93.48-49: इससे दुर्योधन तनिक भी भयभीत नहीं हुआ। वह युद्धभूमि में क्रोधित होकर अपने तीखे बाणों से सैकड़ों-हजारों शत्रु योद्धाओं का संहार करने लगा। वह इधर-उधर घूमकर पांडव सेना से युद्ध कर रहा था। | mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे दुर्योधन तनिक भी भयभीत नहीं हुआ। वह युद्धभूमि में क्रोधित होकर अपने तीखे बाणों से सैकड़ों-हजारों शत्रु योद्धाओं का संहार करने लगा। वह इधर-उधर घूमकर पांडव सेना से युद्ध कर रहा था।
This did not frighten Duryodhan at all. He became furious on the battlefield and started killing hundreds and thousands of enemy warriors with his sharp arrows. He was roaming around and fighting with the Pandava army. 48-49.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥