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mahabharat 8.93.39-40h: माननीय महाराज! चेकितान, शिखण्डी तथा द्रौपदी के पाँचों पुत्र आपकी विशाल सेना का संहार करके शंख बजाने लगे। 39 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  8.93.39-40h 
चेकितान: शिखण्डी च द्रौपदेयाश्च मारिष॥ ३९॥
हत्वा त्वदीयं सुमहत् सैन्यं शङ्खांस्तथाधमन्।
 
 
अनुवाद
माननीय महाराज! चेकितान, शिखण्डी तथा द्रौपदी के पाँचों पुत्र आपकी विशाल सेना का संहार करके शंख बजाने लगे। 39 1/2
 
Honorable King! Chekitana, Shikhandi and the five sons of Draupadi started blowing their conches after destroying your huge army. 39 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)