Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.93.38-39h: गान्धारराज शकुनि शीघ्रतापूर्वक अपना अस्त्र चला रहे थे और महाप्रतापी माद्रीकुमार नकुल, सहदेव और सात्यकि तुरन्त ही उनके पीछे आते दिखाई दिए ॥38 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  8.93.38-39h 
गान्धारराजं शीघ्रास्त्रमनुसृत्य यशस्विनौ॥ ३८॥
नचिरात् प्रत्यदृश्येतां माद्रीपुत्रौ ससात्यकी।
 
 
अनुवाद
गान्धारराज शकुनि शीघ्रतापूर्वक अपना अस्त्र चला रहे थे और महाप्रतापी माद्रीकुमार नकुल, सहदेव और सात्यकि तुरन्त ही उनके पीछे आते दिखाई दिए ॥38 1/2॥
 
King Shakuni of Gandhar was wielding his weapon quickly, and the illustrious Madrikumars Nakul, Sahadeva and Satyaki were immediately seen following him. 38 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)