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mahabharat 8.93.31-32h: उन्होंने अपने तीखे बाणों से उसके बहुत से घुड़सवारों को मार डाला और तुरन्त उसकी ओर दौड़े। फिर वहाँ भीषण युद्ध छिड़ गया।   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  8.93.31-32h 
तस्याश्वसादीन् सुबहूंस्ते निहत्य शितै: शरै:॥ ३१॥
समभ्यधावंस्त्वरितास्तत्र युद्धमभून्महत्।
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपने तीखे बाणों से उसके बहुत से घुड़सवारों को मार डाला और तुरन्त उसकी ओर दौड़े। फिर वहाँ भीषण युद्ध छिड़ गया।
 
They killed many of his horsemen with their sharp arrows and immediately ran towards him. Then a huge battle started there. 31 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)