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mahabharat 8.93.29: उस पैदल सेना को मारकर पराक्रमी भीमसेन सच्ची वीरता के साथ धृष्टद्युम्न को आगे करके वहीं खड़े हो गये।   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.93.29 
हत्वा तत्पुरुषानीकं भीम: सत्यपराक्रम:।
धृष्टद्युम्नं पुरस्कृत्य तस्थौ तत्र महाबल:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस पैदल सेना को मारकर पराक्रमी भीमसेन सच्ची वीरता के साथ धृष्टद्युम्न को आगे करके वहीं खड़े हो गये।
 
After killing that infantry, the mighty Bhimasena, with true bravery, stood there with Dhrishtadyumna in front.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)