vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास
»
श्लोक 26
श्लोक
8.93.26
पदातिनोऽपि संत्यज्य प्रियं जीवितमात्मन:।
भीममभ्यद्रवन् संख्ये पतङ्गा ज्वलनं यथा॥ २६॥
अनुवाद
वे पैदल सैनिक भी अपने प्राणों को त्यागकर युद्धस्थल में भीमसेन की ओर उसी प्रकार दौड़े, जैसे पतंगे अग्नि की ओर दौड़ते हैं॥26॥
Those infantrymen, too, abandoning their dear lives, ran towards Bhimasena on the battlefield like kites rushing towards a fire.॥ 26॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd