श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.93.23 
अक्रुध्यत रणे भीमस्तैस्तदा पर्यवस्थितै:।
सोऽवतीर्य रथात्तूर्णं गदापाणिरयुध्यत॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस समय भीमसेन युद्ध में अत्यन्त क्रोधित हो उठे और तुरन्त ही रथ से उतरकर हाथ में गदा लेकर वहाँ खड़ी हुई पैदल सेना के साथ युद्ध करने लगे॥ 23॥
 
At that time Bhimasena became enraged in the battle and immediately getting down from the chariot, taking up his mace in his hand, began fighting with the infantry standing there.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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