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mahabharat 8.93.22: वे भी युद्धभूमि में वीरतापूर्वक भीमसेन और धृष्टद्युम्न का सामना करने लगे। अनेक योद्धा भीमसेन और धृष्टद्युम्न का नाम पुकारकर उन्हें युद्ध के लिए ललकारने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.93.22 
प्रत्ययुध्यन्त समरे भीमसेनं सपार्षतम्।
पार्थपार्षतयोश्चान्ये जगृहुस्तत्र नामनी॥ २२॥
 
 
अनुवाद
वे भी युद्धभूमि में वीरतापूर्वक भीमसेन और धृष्टद्युम्न का सामना करने लगे। अनेक योद्धा भीमसेन और धृष्टद्युम्न का नाम पुकारकर उन्हें युद्ध के लिए ललकारने लगे।
 
They too started to face Bhimasena and Dhrishtadyumna bravely in the battlefield. Many of the warriors started calling out the names of Bhimasena and Dhrishtadyumna and challenging them for battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)