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mahabharat 8.93.21: क्रोध में भरे हुए भीमसेन और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ उन्हें चारों ओर से घेर लिया और बाणों द्वारा उनका वध करने लगे॥21॥   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.93.21 
तान् भीमसेन: संक्रुद्धो धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:।
बलेन चतुरङ्गेण संवृत्याजघ्नतु: शरै:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
क्रोध में भरे हुए भीमसेन और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न ने अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ उन्हें चारों ओर से घेर लिया और बाणों द्वारा उनका वध करने लगे॥21॥
 
Filled with anger, Bhimsen and Drupada's son Dhrishtadyumna surrounded them from all sides with their four-armed army and started killing them with arrows. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)