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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.93.20 
रथाश्वनागहीनास्तु पादातास्तव मारिष।
पञ्चविंशतिसाहस्रा युद्धायैव व्यवस्थिता:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
माननीय महाराज! उस समय रथ, घोड़े और हाथियों के बिना, आपके केवल पच्चीस हजार पैदल सैनिक ही युद्ध के लिए तैयार खड़े थे।
 
Honorable King! At that time, without chariots, horses and elephants, only twenty-five thousand of your infantry soldiers were standing ready for the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)