श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.93.2 
संजय उवाच
शृणु राजन्नवहितो यथा वृत्तो महाक्षय:।
घोरो मनुष्यदेहानामाजौ च गजवाजिनाम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! उस युद्धस्थल में मनुष्य, हाथी और घोड़ों का जो भयंकर एवं भारी संहार हुआ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो॥ 2॥
 
Sanjaya said - O King! Listen carefully to the terrible and massive destruction of human bodies, elephants and horses that took place on that battlefield.॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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