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mahabharat 8.93.19: महारथी कुरुराज दुर्योधन के वचन सुनकर सारथि ने स्वर्ण-आभूषणों से सुसज्जित घोड़ों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया।   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  8.93.19 
तच्छ्रुत्वा कुरुराजस्य शूरार्यसदृशं वच:।
सूतो हेमपरिच्छन्नान् शनैरश्वानचोदयत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
महारथी कुरुराज दुर्योधन के वचन सुनकर सारथि ने स्वर्ण-आभूषणों से सुसज्जित घोड़ों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया।
 
Having heard the words of the King of Kurus, Duryodhana, worthy of a mighty warrior, the charioteer slowly drove forward the horses adorned with golden ornaments.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)