Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.93.10: अर्जुन अवश्य ही मेरा पीछा कर रहा है। भीमसेन मेरी ओर दौड़ रहे हैं', ऐसा मानकर कौरव सैनिक घबराकर गिर पड़े। वे सब दुःखी हो गए॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 93: भीमसेनद्वारा पचीस हजार पैदल सैनिकोंका वध, अर्जुनद्वारा रथसेनाका विध्वंस, कौरव-सेनाका पलायन और दुर्योधनका उसे रोकनेके लिये विफल प्रयास  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.93.10 
मामेव नूनं बीभत्सुर्मामेव च वृकोदर:।
अभियातीति मन्वाना: पेतुर्मम्लुश्च सम्भ्रमात्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन अवश्य ही मेरा पीछा कर रहा है। भीमसेन मेरी ओर दौड़ रहे हैं', ऐसा मानकर कौरव सैनिक घबराकर गिर पड़े। वे सब दुःखी हो गए॥10॥
 
Believing that 'Arjuna is definitely chasing me. Bhimsena is charging towards me', the Kaurava soldiers fell down in panic. All of them became sad.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)