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mahabharat 8.92.6: कर्ण के मारे जाने के बाद भीमसेन ने धृतराष्ट्र के पुत्रों को भयभीत कर दिया और भयानक सिंहनाद करते हुए नाचने-कूदने लगे, जिससे आकाश और पृथ्वी कम्पित होने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.92: कौरवोंका शोक, भीम आदि पाण्डवोंका हर्ष, कौरव-सेनाका पलायन और दु:खित शल्यका दुर्योधनको सान्त्वना देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 92: कौरवोंका शोक, भीम आदि पाण्डवोंका हर्ष, कौरव-सेनाका पलायन और दु:खित शल्यका दुर्योधनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.92.6 
भीमश्च भीमेन तदा स्वनेन
नादं कृत्वा रोदसी: कम्पयान:।
आस्फोटयन् वल्गते नृत्यते च
हते कर्णे त्रासयन् धार्तराष्ट्रान्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के मारे जाने के बाद भीमसेन ने धृतराष्ट्र के पुत्रों को भयभीत कर दिया और भयानक सिंहनाद करते हुए नाचने-कूदने लगे, जिससे आकाश और पृथ्वी कम्पित होने लगे।
 
After Karna was killed, Bhimsen frightened the sons of Dhritarashtra and started dancing and jumping with a terrible lion's voice, shaking the sky and the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)