Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.92.14: वे सभी राजा जो आपकी स्वार्थ-पूर्ति के इच्छुक थे और अजेय के समान थे, युद्ध में पांडवों द्वारा मारे गए। इसलिए हे भारत! शोक मत करो। यह सब भाग्य का खेल है। सभी को सदैव सफलता नहीं मिलती, यह जान लो, धैर्य रखो।॥14॥ | mahabharat अध्याय 8.92: कौरवोंका शोक, भीम आदि पाण्डवोंका हर्ष, कौरव-सेनाका पलायन और दु:खित शल्यका दुर्योधनको सान्त्वना देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अवध्यकल्पा निहता नरेन्द्रा-
स्तवार्थकामा युधि पाण्डवेयै:।
तन्मा शुचो भारत दिष्टमेतत्
पर्याश्वस त्वं न सदास्ति सिद्धि:॥ १४॥
अनुवाद
वे सभी राजा जो आपकी स्वार्थ-पूर्ति के इच्छुक थे और अजेय के समान थे, युद्ध में पांडवों द्वारा मारे गए। इसलिए हे भारत! शोक मत करो। यह सब भाग्य का खेल है। सभी को सदैव सफलता नहीं मिलती, यह जान लो, धैर्य रखो।॥14॥
All those kings who wanted to fulfill your selfish desires and were like the invincibles, were killed by the Pandavas in the war. Therefore, O Bharata, do not grieve. All this is the game of destiny. Not everyone always gets success, know this, have patience.'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥