Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.91.68: सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र के समान पराक्रमी कर्ण का सुन्दर मस्तक सहस्रदल कमल के समान पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़ा जैसे संध्या के समय सहस्र किरणों वाले सूर्य का घेरा अस्त हो जाता है ॥ 68॥ | mahabharat अध्याय 8.91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र के समान पराक्रमी कर्ण का सुन्दर मस्तक सहस्रदल कमल के समान पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़ा जैसे संध्या के समय सहस्र किरणों वाले सूर्य का घेरा अस्त हो जाता है ॥ 68॥
The beautiful head of Karna, who was as powerful as the thousand-eyed Indra, like a thousand-petalled lotus, fell on the earth just as the circle of the thousand-rayed Sun sets in the evening. ॥ 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥