श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  8.91.61 
शरैराचितसर्वाङ्ग: शोणितौघपरिप्लुत:।
विभाति देह: कर्णस्य स्वरश्मिभिरिवांशुमान्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
समस्त अंगों में बाणों से बिंधे हुए और रक्त से लथपथ कर्ण का शरीर सूर्य की किरणों के समान शोभा पा रहा था ॥ 61॥
 
Pierced with arrows in all the limbs and soaked in blood, Karna's body looked as beautiful as the Sun with its rays shining brightly. ॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)