श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.91.5 
यद् भीमसेनं सर्पैश्च विषयुक्तैश्च भोजनै:।
आचरत् त्वन्मते राजा क्व ते धर्मस्तदा गत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जब राजा दुर्योधन ने आपकी सलाह मानकर भीमसेन को विष मिला हुआ भोजन खिलाकर सर्पों से डसवाया था, तब आपका धर्म कहाँ चला गया था?
 
Where did your Dharma go when King Duryodhana, taking your advice, fed Bhimasena food laced with poison and got him bitten by serpents?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)