श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.91.38 
यशश्च दर्पश्च तथा प्रियाणि
सर्वाणि कार्याणि च तेन केतुना।
साकं कुरूणां हृदयानि चापतन्
बभूव हाहेति च नि:स्वनो महान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उस ध्वजा के गिर जाने से कौरवों का यश, अभिमान, सब प्रिय कर्म और हृदय भी गिर गए और चारों ओर महान कोलाहल मच गया ॥38॥
 
With that flag falling down, the fame, pride, all the beloved deeds and hearts of the Kauravas also fell and there was great uproar all around. ॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)