Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.91.30-31h: युद्धस्थल में उस बाण से अत्यन्त घायल होकर महात्मा अर्जुन को चक्कर आ गया। उनका गाण्डीव धनुष का हाथ ढीला पड़ गया और वे शत्रुसंहारक अर्जुन, भूकम्प के समय हिलते हुए विशाल पर्वत के समान काँपने लगे। | mahabharat अध्याय 8.91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स गाढविद्ध: समरे महात्मा
विघूर्णमान: श्लथहस्तगाण्डिव:॥ ३०॥
चचाल बीभत्सुरमित्रमर्दन:
क्षिते: प्रकम्पे च यथाचलोत्तम:।
अनुवाद
युद्धस्थल में उस बाण से अत्यन्त घायल होकर महात्मा अर्जुन को चक्कर आ गया। उनका गाण्डीव धनुष का हाथ ढीला पड़ गया और वे शत्रुसंहारक अर्जुन, भूकम्प के समय हिलते हुए विशाल पर्वत के समान काँपने लगे।
Mahatma Arjuna became dizzy after being deeply wounded by that arrow in the battlefield. His hand on the Gandiva bow became loose and that enemy-killer Arjuna began to tremble like a great mountain shaking during an earthquake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥