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mahabharat 8.91.28: हे महाराज! जब सारथीपुत्र ने उस बाण का निशाना लगाया, तब उसे देखकर समस्त पाण्डव दुःखी हो गए और महान शोक में डूब गए।   |   mahabharat अध्याय 8.91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  8.91.28 
तमिषुं संधितं दृष्ट्वा सूतपुत्रेण मारिष।
विषादं परमं जग्मु: पाण्डवा दीनचेतस:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे महाराज! जब सारथीपुत्र ने उस बाण का निशाना लगाया, तब उसे देखकर समस्त पाण्डव दुःखी हो गए और महान शोक में डूब गए।
 
Honorable King! When the son of a charioteer aimed that arrow, on seeing it all the Pandavas became downcast and were drowned in great sorrow. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)