श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  8.91.27 
ववौ सशर्करो वायुर्दिशश्च रजसा वृता:।
हाहाकारश्च संजज्ञे सुराणां दिवि भारत॥ २७॥
 
 
अनुवाद
भारत! भयंकर वायु चलने लगी, कंकर बरसने लगे। सब ओर धूल फैल गई और स्वर्ग के देवता भी त्राहि-त्राहि करने लगे॥ 27॥
 
Bharat! A fierce wind started blowing, raining pebbles. Dust spread in all directions and even the gods in heaven were in an uproar.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)