vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध
»
श्लोक 27
श्लोक
8.91.27
ववौ सशर्करो वायुर्दिशश्च रजसा वृता:।
हाहाकारश्च संजज्ञे सुराणां दिवि भारत॥ २७॥
अनुवाद
भारत! भयंकर वायु चलने लगी, कंकर बरसने लगे। सब ओर धूल फैल गई और स्वर्ग के देवता भी त्राहि-त्राहि करने लगे॥ 27॥
Bharat! A fierce wind started blowing, raining pebbles. Dust spread in all directions and even the gods in heaven were in an uproar.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×