Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.91.2: कर्ण! जब तुमने, दुर्योधन, दु:शासन और सुबलपुत्र शकुनि ने रजस्वला और एकवस्त्रधारी द्रौपदी को सभा में बुलाया, तब क्या उस समय तुम्हारे मन में धर्म का विचार नहीं उठा था?॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 8.91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद् द्रौपदीमेकवस्त्रां सभाया-
मानाययेस्त्वं च सुयोधनश्च।
दु:शासन: शकुनि: सौबलश्च
न ते कर्ण प्रत्यभात्तत्र धर्म:॥ २॥
अनुवाद
कर्ण! जब तुमने, दुर्योधन, दु:शासन और सुबलपुत्र शकुनि ने रजस्वला और एकवस्त्रधारी द्रौपदी को सभा में बुलाया, तब क्या उस समय तुम्हारे मन में धर्म का विचार नहीं उठा था?॥ 2॥
Karna! When you, Duryodhan, Dushasan and Shakuni, son of Subala, summoned Draupadi, who was menstruating and wearing only one garment, to the court, did the thought of Dharma not arise in your mind at that time?॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥