श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.91.16 
क्रोधात् प्रस्फुरमाणौष्ठो धनुरुद्यम्य भारत।
योधयामास वै पार्थं महावेगपराक्रम:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! वह महान् वेग और पराक्रम से संपन्न था, क्रोध से ओठ फड़फड़ाता हुआ उसने धनुष उठाया और अर्जुन से युद्ध करने लगा।
 
O son of Bharat! Endowed with great speed and valour, he took up his bow, his lips flapping in anger and began to fight with Arjun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)