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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध
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श्लोक 15
श्लोक
8.91.15
संजय उवाच
एवमुक्तस्तदा कर्णो वासुदेवेन भारत।
लज्जयावनतो भूत्वा नोत्तरं किञ्चिदुक्तवान्॥ १५॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - भरत! भगवान श्रीकृष्ण के ऐसा कहने पर कर्ण ने लज्जा से सिर झुका लिया; वह कुछ भी उत्तर देने में असमर्थ रहा।
Sanjaya says - Bharata! At that time Karna bowed his head in shame when Lord Krishna said this; he was unable to give any reply.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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