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mahabharat 8.90.89: तत्पश्चात् अर्जुन ने उसके कान पर इन्द्र के वज्र और अग्नि के समान भयंकर सत्रह बाण मारे ॥89॥   |   mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  8.90.89 
ततोऽर्जुन: सप्तदश तिग्मवेगानजिह्मगान्।
इन्द्राशनिसमान् घोरानसृजत् पावकोपमान्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने उसके कान पर इन्द्र के वज्र और अग्नि के समान भयंकर सत्रह बाण मारे ॥89॥
 
After that, Arjun shot seventeen fierce arrows at his ear, like Indra's thunderbolt and fire. 89॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)