Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.83: हे प्रभु! उस महाब्राह्मण के शाप के कारण उसका रथ डगमगाने लगा और उसका पहिया भूमि में धँस गया। यह देखकर सारथीपुत्र कर्ण युद्धभूमि में व्याकुल हो गया। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! उस महाब्राह्मण के शाप के कारण उसका रथ डगमगाने लगा और उसका पहिया भूमि में धँस गया। यह देखकर सारथीपुत्र कर्ण युद्धभूमि में व्याकुल हो गया।
O lord! Due to the curse of the great Brahmin, his chariot started tottering and its wheel got stuck in the ground. Seeing this, the son of a charioteer, Karna became restless in the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥