Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.81: हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय काल ने अदृश्य होकर ब्राह्मण के क्रोध से कर्ण की मृत्यु का समाचार सुनाया और जब उसकी मृत्यु का समय आया, तब उसने कहा - 'अब पृथ्वी तुम्हारे चक्र को निगलने वाली है।' 81. | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय काल ने अदृश्य होकर ब्राह्मण के क्रोध से कर्ण की मृत्यु का समाचार सुनाया और जब उसकी मृत्यु का समय आया, तब उसने कहा - 'अब पृथ्वी तुम्हारे चक्र को निगलने वाली है।' 81.
O lord of men! At that time Kaal remained invisible and gave the news of Karna's death due to the anger of the Brahmin and when the time of his death arrived, he said - 'Now the earth is about to swallow your wheel.' 81.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥