Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.78: कर्ण की भुजाओं से छूटे हुए जो बाण विशाल सर्पों के समान प्रतीत हो रहे थे, वे अर्जुन के हाथों से छूटे हुए तीखे बाणों से नष्ट हो गये, जो सम्पूर्ण दिशाओं में फैल गये। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण की भुजाओं से छूटे हुए जो बाण विशाल सर्पों के समान प्रतीत हो रहे थे, वे अर्जुन के हाथों से छूटे हुए तीखे बाणों से नष्ट हो गये, जो सम्पूर्ण दिशाओं में फैल गये।
The arrows which were released from Karna's arms and appeared like huge serpents were destroyed by the sharp arrows released from Arjun's hands, which spread in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥