Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.76: हे प्रजानाथ! कर्ण के शरीर में अनेक बाण चुभ गए थे। वे युद्धभूमि में उसकी शोभा उसी प्रकार बढ़ा रहे थे, जैसे वृक्षों से आच्छादित पर्वत शिखरों और गुफाओं में लाल कनेर के फूल खिलते हैं। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजानाथ! कर्ण के शरीर में अनेक बाण चुभ गए थे। वे युद्धभूमि में उसकी शोभा उसी प्रकार बढ़ा रहे थे, जैसे वृक्षों से आच्छादित पर्वत शिखरों और गुफाओं में लाल कनेर के फूल खिलते हैं।
O Prajanath! Many arrows had pierced Karna's body. They were adorning him in the battlefield in the same way as the red oleander flowers bloom on the mountain peaks and caves covered with trees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥