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mahabharat 8.90.72: अतः तुम्हें शीघ्रतापूर्वक इस अद्वितीय योद्धा कर्ण को, जो तुम्हारा सदैव शत्रु रहा है, कुचल देना चाहिए। इससे पहले कि सारथीपुत्र शक्तिशाली होकर आक्रमण करे, तुम्हें उसका उसी प्रकार वध कर देना चाहिए, जिस प्रकार इंद्र ने नमूचिका का वध किया था।'   |   mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  8.90.72 
तदेकवीरं तव चाहितं सदा
त्वरस्व कर्णं सहसाभिमर्दितुम्।
पुरा समर्थ: समुपैति सूतजो
भिन्धि त्वमेनं नमुचिं यथा हरि:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम्हें शीघ्रतापूर्वक इस अद्वितीय योद्धा कर्ण को, जो तुम्हारा सदैव शत्रु रहा है, कुचल देना चाहिए। इससे पहले कि सारथीपुत्र शक्तिशाली होकर आक्रमण करे, तुम्हें उसका उसी प्रकार वध कर देना चाहिए, जिस प्रकार इंद्र ने नमूचिका का वध किया था।'
 
Therefore, you should hurry to crush this matchless warrior Karna, who has always been your enemy. Before the son of a charioteer becomes powerful and attacks, you should kill him in the same manner as Indra killed Namuchika.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)