Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.68: तत्पश्चात् अर्जुन ने लोहे के बने हुए, यमदण्ड और अग्निदण्ड के समान प्रबल और भयंकर, सुवर्ण के पंख वाले बाणों द्वारा कर्ण की छाती को उसी प्रकार छेद दिया, जैसे कुमार कार्तिकेय ने क्रौंच पर्वत को छेदा था॥68॥ | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् अर्जुन ने लोहे के बने हुए, यमदण्ड और अग्निदण्ड के समान प्रबल और भयंकर, सुवर्ण के पंख वाले बाणों द्वारा कर्ण की छाती को उसी प्रकार छेद दिया, जैसे कुमार कार्तिकेय ने क्रौंच पर्वत को छेदा था॥68॥
After that, Arjun pierced Karna's chest with arrows made of iron, strong and as fierce as Yamdanda and Agnidanda, having wings of gold, in the same way as Kumar Kartikeya had pierced the Krauncha mountain. 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥