Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.62: तत्पश्चात् अर्जुन ने यमराज की गदा के समान भयंकर नब्बे बाण कर्ण पर छोड़े। उन पंखदार बाणों से कर्ण का सारा शरीर छिद गया और वह वज्र से छेदे हुए पर्वत के समान व्याकुल हो गया। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: शराणां नवतिं तदार्जुन:
ससर्ज कर्णेऽन्तकदण्डसंनिभाम्।
तै: पत्रिभिर्विद्धतनु: स विव्यथे
तथा यथा वज्रविदारितोऽचल:॥ ६२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने यमराज की गदा के समान भयंकर नब्बे बाण कर्ण पर छोड़े। उन पंखदार बाणों से कर्ण का सारा शरीर छिद गया और वह वज्र से छेदे हुए पर्वत के समान व्याकुल हो गया।
Thereafter Arjuna shot ninety arrows as dreadful as the mace of Yama at Karna. His entire body was pierced by those feathered arrows and he became as distressed as a mountain pierced by a thunderbolt.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥