Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.55: राजन! किरीटधारी अर्जुन द्वारा उस सर्प के मारे जाने के बाद स्वयं भगवान पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ने अपनी दोनों भुजाओं से उस डूबते हुए रथ को शीघ्रतापूर्वक पुनः ऊपर उठा लिया। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हते च तस्मिन् भुजगे किरीटिना
स्वयं विभु: पार्थिव भूतलादथ।
समुज्जहाराशु पुन: पतन्तं
रथं भुजाभ्यां पुरुषोत्तमस्तत:॥ ५५॥
अनुवाद
राजन! किरीटधारी अर्जुन द्वारा उस सर्प के मारे जाने के बाद स्वयं भगवान पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ने अपनी दोनों भुजाओं से उस डूबते हुए रथ को शीघ्रतापूर्वक पुनः ऊपर उठा लिया।
Rajan! After that snake was killed by the crowned Arjuna, Lord Purushottam Shri Krishna himself quickly lifted the sinking chariot up again with his two arms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥