Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.40: भारत! जैसे तेज वायु के द्वारा चलाए जाने पर पृथ्वी, आकाश, स्वर्ग और जल बड़े जोर से शब्द करने लगते हैं, उसी समय संसार के सभी लोगों ने उसी शब्द का अनुभव किया और वे सब-के-सब व्याकुल होकर अपने-अपने स्थान से लड़खड़ाकर गिर पड़े॥40॥ | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारत! जैसे तेज वायु के द्वारा चलाए जाने पर पृथ्वी, आकाश, स्वर्ग और जल बड़े जोर से शब्द करने लगते हैं, उसी समय संसार के सभी लोगों ने उसी शब्द का अनुभव किया और वे सब-के-सब व्याकुल होकर अपने-अपने स्थान से लड़खड़ाकर गिर पड़े॥40॥
Bhaarat! Just as the earth, sky, heaven and water start making a loud sound when driven by the swift wind, at that time all the people of the world experienced the same sound and being distressed all of them stumbled from their respective places and fell down.॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥