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mahabharat 8.90.4: महामनस्वी एवं वीर कर्ण ने परशुरामजी से प्राप्त शक्तिशाली शत्रुनाशक अथर्वण अस्त्र का प्रयोग करके तीखे बाणों द्वारा कौरव सेना को जला रहे अर्जुन के अस्त्र को नष्ट कर दिया॥4॥   |   mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.90.4 
रामादुपात्तेन महामहिम्ना
ह्याथर्वणेनारिविनाशनेन।
तदर्जुनास्त्रं व्यधमद् दहन्तं
कर्णस्तु बाणैर्निशितैर्महात्मा॥ ४॥
 
 
अनुवाद
महामनस्वी एवं वीर कर्ण ने परशुरामजी से प्राप्त शक्तिशाली शत्रुनाशक अथर्वण अस्त्र का प्रयोग करके तीखे बाणों द्वारा कौरव सेना को जला रहे अर्जुन के अस्त्र को नष्ट कर दिया॥4॥
 
Using the Atharvan weapon, a powerful enemy destroyer received from Parashurama, the great-minded and brave Karna, with sharp arrows, destroyed Arjun's weapon which was burning the Kaurava army. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)