Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.32: बुद्धिमान अर्जुन के मस्तक पर जो मुकुट सुशोभित था, वह पृथ्वी, अंतरिक्ष, स्वर्ग और वरुणलोक तक में विख्यात था। वह मुकुट उन्हें इन्द्र ने दिया था। कर्ण द्वारा छोड़ा गया सर्पमुख बाण रथ के नीचे हो जाने के कारण अर्जुन के मुकुट में जा लगा। 32॥ | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धिमान अर्जुन के मस्तक पर जो मुकुट सुशोभित था, वह पृथ्वी, अंतरिक्ष, स्वर्ग और वरुणलोक तक में विख्यात था। वह मुकुट उन्हें इन्द्र ने दिया था। कर्ण द्वारा छोड़ा गया सर्पमुख बाण रथ के नीचे हो जाने के कारण अर्जुन के मुकुट में जा लगा। 32॥
The crown that adorned the head of the wise Arjuna was famous in the earth, space, heaven and even Varunaloka. That crown was given to him by Indra. The snake-headed arrow shot by Karna hit Arjuna's crown due to the chariot being lowered. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥