Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.28: वह अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी अत्यन्त भयंकर बाण कर्ण की भुजाओं से प्रेरित होकर धनुष और प्रत्यंचा से छूटकर आकाश में जाते ही प्रज्वलित होने लगा। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स सायक: कर्णभुजप्रसृष्टो
हुताशनार्कप्रतिम: सुघोर:।
गुणच्युत: कर्णधनु:प्रमुक्तो
वियद्गत: प्राज्वलदन्तरिक्षे॥ २८॥
अनुवाद
वह अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी अत्यन्त भयंकर बाण कर्ण की भुजाओं से प्रेरित होकर धनुष और प्रत्यंचा से छूटकर आकाश में जाते ही प्रज्वलित होने लगा।
That extremely fearsome arrow, as radiant as the fire and the Sun, was inspired by Karna's arms and, after being released from his bow and string, started blazing as soon as it went into the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥