Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.22: युद्ध में कर्ण सव्यसाची अर्जुन का सिर काटना चाहता था। उसके द्वारा छोड़ा गया प्रज्वलित बाण ऐरावत वंश में उत्पन्न अश्वसेन था। उस बाण के छूटते ही समस्त दिशाएँ सहित आकाश प्रज्वलित हो उठा। सैकड़ों भयानक उल्काएँ गिरने लगीं। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध में कर्ण सव्यसाची अर्जुन का सिर काटना चाहता था। उसके द्वारा छोड़ा गया प्रज्वलित बाण ऐरावत वंश में उत्पन्न अश्वसेन था। उस बाण के छूटते ही समस्त दिशाएँ सहित आकाश प्रज्वलित हो उठा। सैकड़ों भयानक उल्काएँ गिरने लगीं।
In the war, Karna wanted to cut off the head of Savyasachi Arjun. The blazing arrow shot by him was Ashwasen born in the Airavat clan. As soon as that arrow was released, the sky including all directions became blazing. Hundreds of dreadful meteors started falling.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥