Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.16: वहाँ बाणों का विशाल जाल देखकर समस्त कौरव और सोमकगण भय से काँप उठे। उस घोर अंधकार में उन्हें और कुछ गिरता हुआ दिखाई नहीं दे रहा था॥16॥ | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ बाणों का विशाल जाल देखकर समस्त कौरव और सोमकगण भय से काँप उठे। उस घोर अंधकार में उन्हें और कुछ गिरता हुआ दिखाई नहीं दे रहा था॥16॥
Seeing a huge web of arrows there, all the Kauravas and Somakas trembled with fear. In that intense darkness they could not see anything else falling.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥