Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.14: हे नरदेव! दुष्टबुद्धि अर्जुन से शत्रुता का बदला लेने का यही उत्तम अवसर है, यह सोचकर उन्होंने बाण का रूप धारण किया और कर्ण के तरकश में जा घुसे। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरदेव! दुष्टबुद्धि अर्जुन से शत्रुता का बदला लेने का यही उत्तम अवसर है, यह सोचकर उन्होंने बाण का रूप धारण किया और कर्ण के तरकश में जा घुसे।
O lord of men! Thinking that this is the best opportunity to take revenge of the enmity of the evil-minded Arjun, he took the form of an arrow and entered Karna's quiver.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥