Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.115: महाबाहो! जब तक मैं इस अटके हुए पहिये को निकालता हूँ, तब तक आप रथ पर सवार होकर भी भूमि पर खड़े हुए मुझे अपने बाणों से कष्ट न दें। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यावच्चक्रमिदं ग्रस्तमुद्धरामि महाभुज।
न मां रथस्थो भूमिष्ठं विकलं हन्तुमर्हसि॥ ११५॥
अनुवाद
महाबाहो! जब तक मैं इस अटके हुए पहिये को निकालता हूँ, तब तक आप रथ पर सवार होकर भी भूमि पर खड़े हुए मुझे अपने बाणों से कष्ट न दें।
Mahabaho! Till the time I am removing this stuck wheel, even though you are riding the chariot do not trouble me standing on the ground with your arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥