Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.90.111-113h: अर्जुन! जिस योद्धा ने महान व्रत धारण किया है, वह उस व्यक्ति पर अपने शस्त्रों से प्रहार नहीं करता, जो केश खोले खड़ा हो, युद्ध से पीठ फेरे हो, ब्राह्मण हो, हाथ जोड़कर शरण में आया हो, शस्त्र रख दिए हों, प्राणों की भीख मांग रहा हो, जिसके बाण, कवच और अन्य शस्त्र नष्ट हो गए हों। | mahabharat अध्याय 8.90: अर्जुन और कर्णका घोर युद्ध, भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी सर्पमुख बाणसे रक्षा तथा कर्णका अपना पहिया पृथ्वीमें फँस जानेपर अर्जुनसे बाण न चलानेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन! जिस योद्धा ने महान व्रत धारण किया है, वह उस व्यक्ति पर अपने शस्त्रों से प्रहार नहीं करता, जो केश खोले खड़ा हो, युद्ध से पीठ फेरे हो, ब्राह्मण हो, हाथ जोड़कर शरण में आया हो, शस्त्र रख दिए हों, प्राणों की भीख मांग रहा हो, जिसके बाण, कवच और अन्य शस्त्र नष्ट हो गए हों।
Arjuna! A warrior who has observed a great vow does not attack a person with his weapons if he is standing with his hair open, has turned his back on the battle, is a Brahmin, has come seeking refuge with folded hands, has laid down his arms, is begging for his life, whose arrows, armour and other weapons have been destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥