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श्लोक 8.9.97  |
यथा कर्णश्च कौन्तेयै: सह युद्धमयोजयत्।
यथा च द्विषतां हन्ता रणे शान्तस्तदुच्यताम्॥ ९७॥ |
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| अनुवाद |
| शत्रुओं का संहार करने वाले कर्ण ने कुन्तीपुत्रों के साथ किस प्रकार युद्ध किया और रणभूमि में किस प्रकार उसे चुप करा दिया गया, यह कथा मुझे सुनाइए। ॥97॥ |
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| Tell me the story of how the slayer of enemies, Karna, fought the war with the sons of Kunti and how he was silenced on the battlefield. ॥97॥ |
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इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि धृतराष्ट्रप्रश्ने नवमोऽध्याय:॥ ९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें धृतराष्ट्रका प्रश्नविषयक नवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९॥
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