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mahabharat 8.9.95: मैं बार-बार यह नहीं सुन सकता कि दस हजार हाथियों का बल रखने वाला कर्ण पाण्डवों द्वारा मारा गया ॥95॥   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 95
 
 
श्लोक  8.9.95 
पुन: पुनर्न मृष्यामि हतं कर्णं च पाण्डवै:।
यस्य बाह्वोर्बलं तुल्यं कुञ्जराणां शतं शतै:॥ ९५॥
 
 
अनुवाद
मैं बार-बार यह नहीं सुन सकता कि दस हजार हाथियों का बल रखने वाला कर्ण पाण्डवों द्वारा मारा गया ॥95॥
 
I cannot bear to hear again and again that Karna, whose arms had the strength of ten thousand elephants, was killed by the Pandavas. ॥ 95॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)