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तौ हि वीरौ महेष्वासौ मदर्थे त्यक्तजीवितौ।
भीष्मद्रोणौ हतौ श्रुत्वा को न्वर्थो जीवितेन मे॥ ९४॥
अनुवाद
जब मैं सुनता हूँ कि महाधनुर्धर भीष्म और द्रोणाचार्य, जिन्होंने मेरे लिए प्राणों का मोह त्याग दिया था, मारे गए हैं, तो मेरे जीवित रहने का क्या अर्थ है ? ॥94॥
What is the point of my remaining alive, when I hear that the mighty archers Bhishma and Dronacharya, who had given up their attachment to life for my sake, have been killed? ॥94॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥