श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  8.9.87 
द्रोणे तु निहते वीरे रथव्याघ्रे नरर्षभे।
के वा मुखमनीकानामासन् संजय भागश:॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
संजय! महारथी और सिंहतुल्य वीर द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद कौन-से वीर योद्धा सेना के अग्रभाग की रक्षा करते रहे?
 
Sanjaya! After the death of Dronacharya, the greatest of charioteers and lion-like men, which brave warriors continued to protect the front of the army?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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