Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.9.83-84h: तात! गौतमवंशी शरद्वान के पुत्र, धनुर्वेद के आचार्य और रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने कर्ण के मारे जाने पर क्या कहा? 83 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 83-84h
 
 
श्लोक  8.9.83-84h 
आचार्यो यो धनुर्वेदे गौतमो रथसत्तम:॥ ८३॥
कृप: शारद्वतस्तात हते कर्णे किमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
तात! गौतमवंशी शरद्वान के पुत्र, धनुर्वेद के आचार्य और रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने कर्ण के मारे जाने पर क्या कहा? 83 1/2॥
 
Tat! What did Kripacharya, the master of Dhanurveda and the best among charioteers, son of Sharadvan of Gautam dynasty, say when Karna was killed? 83 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)