श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 79-80h
 
 
श्लोक  8.9.79-80h 
द्यूतं कृत्वा पुरा हृष्टो वञ्चयित्वा च पाण्डवान्॥ ७९॥
शकुनि: सौबलस्तात हते कर्णे किमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
पिताश्री ! द्यूतक्रीड़ा में पाण्डवों को धोखा देकर अत्यन्त प्रसन्न हुए सुबलपुत्र शकुनि ने कर्ण के मारे जाने पर क्या कहा ? ॥79 1/2॥
 
Father! What did Shakuni, the son of Subala, who was very happy after having cheated the Pandavas in a game of dice, say after Karna was killed? ॥ 79 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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