द्यूतं कृत्वा पुरा हृष्टो वञ्चयित्वा च पाण्डवान्॥ ७९॥
शकुनि: सौबलस्तात हते कर्णे किमब्रवीत्।
अनुवाद
पिताश्री ! द्यूतक्रीड़ा में पाण्डवों को धोखा देकर अत्यन्त प्रसन्न हुए सुबलपुत्र शकुनि ने कर्ण के मारे जाने पर क्या कहा ? ॥79 1/2॥
Father! What did Shakuni, the son of Subala, who was very happy after having cheated the Pandavas in a game of dice, say after Karna was killed? ॥ 79 1/2॥