Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.9.53-54: जब सिंह के समान महान पराक्रमी कर्ण अपने विशाल धनुष को हिलाकर युद्धभूमि में दिव्यास्त्रों और भयंकर बाणों का संधान कर रहा हो, उस समय उसे कौन पराजित कर सकता है? ॥53-54॥   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 53-54
 
 
श्लोक  8.9.53-54 
को हि शक्तो रणे कर्णं विधुन्वानं महद् धनु:॥ ५३॥
विमुञ्चन्तं शरान् घोरान् दिव्यान्यस्त्राणि चाहवे।
जेतुं पुरुषशार्दूलं शार्दूलमिव वेगिनम्॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
जब सिंह के समान महान पराक्रमी कर्ण अपने विशाल धनुष को हिलाकर युद्धभूमि में दिव्यास्त्रों और भयंकर बाणों का संधान कर रहा हो, उस समय उसे कौन पराजित कर सकता है? ॥53-54॥
 
When Karna, the man of great strength like a lion, is shaking his huge bow and releasing divine weapons and dreadful arrows on the battlefield, who could defeat him at that time? ॥53-54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)